दुर्ग, / भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भिलाई द्वारा नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), भिलाई-दुर्ग के तत्वावधान में ‘तात्कालिक भाषण प्रतियोगिता’ का भव्य आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यालयों और संस्थानों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देना तथा कार्मिकों की वाक्-कला एवं तात्कालिक चिंतन क्षमता का विकास करना था। प्रतियोगिता में भिलाई-दुर्ग क्षेत्र के विभिन्न केंद्र सरकार के कार्यालयों, बैंकों और सार्वजनिक उपक्रमों के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत संस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों एवं निर्णायक गणों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुई।संस्थान के उपकुलसचिव (प्रशासन) एवं हिंदी अधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि इस तरह के आयोजन न केवल हिंदी के प्रति प्रेम जगाते हैं, बल्कि विभिन्न संस्थानों के बीच एक वैचारिक सेतु का निर्माण भी करते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तकनीकी शिक्षा और राजभाषा का समन्वय आधुनिक भारत की आवश्यकता है।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भिलाई इस्पात संयंत्र के चीफ़ ऑफ़ कम्यूनिकेशन एवं महाप्रबंधक प्रभारी (संपर्क, प्रशासन एवं जनसंपर्क) अमूल्य प्रियदर्शी उपस्थित थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में भिलाई इस्पात संयंत्र के महाप्रबंधक (संपर्क, प्रशासन व जनसंपर्क एवं प्रभारी राजभाषा) तथा नराकास भिलाई-दुर्ग के सचिव राजीव कुमार ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।प्रतियोगिता का मूल्यांकन करने के लिए एक उच्च स्तरीय निर्णायक मंडल का गठन किया गया था, जिसमें बोन्या मुखर्जी, महाप्रबंधक ( परियोजनाएँ – परियोजना नियोजन एवं अभियांत्रिकी), भिलाई इस्पात संयंत्र , पारमिता महान्ति , महाप्रबंधक, सेल-सीईटी, अंजली चौधरी, सहायक प्राध्यापक (भौतिकी विभाग), आईआईटी भिलाई शामिल थे। निर्णायक मंडल ने प्रतिभागियों की प्रस्तुति, भाषा प्रवाह,आत्मविश्वास, तार्किकता और विषयवस्तु की गहराई के आधार पर विजेताओं का चयन किया। प्रतियोगिता के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के सफल संचालन और समन्वय में संस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर विशेष रूप से सचिन मिश्र, उपकुलसचिव (प्रशासन) एवं हिंदी अधिकारी, आईआईटी भिलाई, संस्थान के प्रशासनिक सलाहकार, सुभाष पांडे एवं अन्य गणमान्य अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर रेशमा बानो द्वारा औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि, निर्णायक मंडल और विभिन्न संस्थानों से आए सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए संस्थान की पूरी टीम और नराकास के सहयोग को रेखांकित किया। संस्थान ने सभी आगंतुकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे भाषाई आयोजनों को निरंतरता देने का संकल्प लिया।

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